Desa Eka, Eka Haim Hama Saba Sampradayika Sadbhava Aura Rastriya Ekata Para Adharita Kavitae

by M. D. Thomas

★★★★☆
4.1 (622)

US$40.00

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Description

'देश एक, एक हैं हम सब' एक ऐसा रोचक संकलन है, जिसमें 'सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता' विषय के विविध आयामों पर देश के जाने-माने कुछ 100 प्रतिष्ठित कवियों द्वारा भारत की राष्ट्र-भाषा हिंदी में रचित कुछ 125 कविताएँ समाहित हैं। 'देश एक है'। यह उक्ति राष्ट्र के तौर पर 'भारत की एकता और अखण्डता' को ज़ाहिर करती है। 'एक हैं हम सब'। यह भारतवासियों के मन में होने वाली 'राष्ट्रीय समरसता' की बुलंद भावना है, जो संप्रदायों के दायरे से आगे बढ़क​र 'आपसी सद्भाव, समभाव, सरोकार और सहकारिता' के बलबूते 'साझी संस